TUM !

दो पल का इंतज़ार न था, यह सदियों की थी दूरी, इन दिनों देता नहीं, यह दिल किसी बात की … अधिक

Kanha!

शीश पर मोरमुकुट सजे, होंठों पर बांसुरी सुरीली, वृन्दावन के कुञ्ज गली में, घर घर देखि मोहन की छवि! चहुँ … अधिक

MUSKAAN

चुपके से आई है किरणों के सहारे , यह प्यारी सी मुस्कान जो खोयी थी किनारे , चलते चलते जम … अधिक