Yaad

ना जाने कब आएगी उन्हें हमारी याद ,
चन्द लब्ज़ कहेंगे वो यह ख्वाब है मेरा ,
अरसा बीत गया यु ठहरे हुए,
ना वो आये न उनकी शब्दों की बौछार।
किस कदर हम रहते हैं ,
दिन रात यु ही हालात ,
जाने कौन घडी में ..बुझेगी
इस जीवन की यह प्यास।
अब के आँखें तरस गयी,
करने को तुम्हारा दीदार ,
बरसों बाद यु लगा ..
जैसे तुम मिल गए हो … और मिल जाएगा तुम्हारा प्यार।

4 विचार “Yaad&rdquo पर;

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