UD JAA!

पवन की चाल चलता ,तीव्र गति से उड़ता ,
पंख लिए सपनो के ,
मन यह चंचल सा !
 
 सफ़ेद  अश्व पर हो सवार जैसे कोई सतरंगी सपना,
 आँधियों  को चीरता  हुआ ,
आसमान में उड़े यह गीत नया सा!
 
 
 
जज्बा कोई दिल में हो रंग भले ही कोमल ,
धड़कन में वह जान संजोये ,
लेता है अपनी डगर !
 
किस डर में जिए तू ऐ मन  ,
किसके लिए सजाये,
सपनों को तू भो पंख लगाकर,
उड़ जा देश पराये! 

5 विचार “UD JAA!&rdquo पर;

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