किस बात से हूँ में यूँ खफा ख़ुद से नाराज ,आपने आप से ज़ुदा नजर कहीं ,दिल कहीं , हाल…

कैफियत

अब किससे करे गिला, किस से करे शिकायत गैरों ने माना अपना, अपनों ने की नफ़रत… अब ना कोई उम्मीद,…

सोच

बेवजह ही धड़कते है अरमान बेवजह ही हम मुस्कुरा  जाते जब भी आता है होंठों पर नाम तेरा जाने क्या…