एक नज़र

एक नज़र के लिए है सारा फ़साना,
ज़िन्दगी का यह अफसाना
न जाने किस दिन मिलेगा ,
इस दिल को अपने प्यार का नजराना .
मुद्दत सी हुई,
जब मिले थे यूँ हंसके,
बैठे थे यूँ खामोशी में,
नज़र्रें झुका के,
हवा ने भी रुख मोड़ लिया तब,
जब एक नज़र मिली आपकी हमसे।
आज इतने अरसो बाद,
यह लगा है फिरसे
ना जाने कितने जनम लगेंगे …
हमें …
आपके दिल में अपनी मोहब्बत जगाने …
एक नज़र को तड़प रहे हैं हम बेगाने।