फुरसत

मेरी आँखों की गहराई में
झांकने की तुझे फुरसत कहाँ
जश्न -ए -ईद
मौसम -ए- मातम
में बस य़ुहीं गुज़र गयी
दीद की रात

© सौम्या

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